हकलाहट की समस्या कहाँ सबसे ज़्यादा यां सबसे कम पैदा होती है ।

हकलाहट की समस्या कहाँ सबसे ज़्यादा यां सबसे कम पैदा होती है ।

हकलाहट की समस्या का सीधा संबंध डर और आत्मविश्वास से जुड़ा है । जिन परिस्थितियों में डर की सीमा ज़्यादा और आत्मविश्वास में कमी होगी वहाँ हकलाहट की समस्या सबसे ज़्यादा होगी और इसके विपरीत जिन परिस्थितियों में डर की सीमा कम और आत्मविश्वास अधिक होगा वहाँ हकलाहट की समस्या बहूत ही कम होगी ।

उदाहरण के तौर पर अगर हकलाहट की समस्या से पीड़ित व्यक्ति से कोई अजनबी व्यक्ति कोई बात करने लगेगा तो उसे यह डर रहेगी की अगर वह उस व्यक्ति के सामने बात करते समय हकलाने लग गया तो सामने वाला उसकी इस स्थिती का मज़ाक़ बना लेगा । जिसकी वजह से सामान्य की अपेक्षा और भी ज़्यादा हकलाने लग जाएगा ।

और ठीक इसके विपरीत जब वह अपने परिचित लोगों या अपने पारिवारिक सदस्यों के सामने कुछ बोलने लगेगा तो उसे अपनी समस्या का मज़ाक़ बनाने का डर नहीं रहेगा और वह बहूत ही कम यां बिलकुल नहीं हकलाएगा ।

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