थेरेपी लेने के बाद हमें क्या क्या सावधानी रखनी चाहिए

थेरेपी लेने के बाद हमें क्या क्या सावधानी रखनी चाहिए

थेरेपी लेने के पहले यदि आप किसी थेरेपी सेंटरस / स्टंमेरिंग सेन्टर / सुपोर्ट ग्रुप /नेशनल कॉन्फरेंस में थेरेपी लेने जाने की प्लानिंग कर रहे है तो निम्न लिखित बातो का ध्यान रखना चाहिए

1 :- समय

टाइम ले कर जाना चाहिए क्यों की हकलाहट की समस्या का इलाज किसी चमत्कारी तरीके से नहीं हो सकता यदि आप टाइम ले कर नहीं जाते तो आप का मन घर में , ऑफिस में , स्कूल , कालेज में लगा रहेगा और आप सही तरीके से थेरेपी नहीं ले पाओगे और आप को किसी भी तकनीक पर विश्वास नहीं होगा अतः टाइम का प्रेशर पैदा ना होने दीजिये । आप के लिए आर्गेनाइजर जो टाइम रिकमेंड किया है उतना टाइम दीजिये और लास्ट में एक बार कहिये की यदि और टाइम जी जरुरत हो तो मै दे सकता हूँ। चुकी हकलाना एक आदत है यहाँ टाइम लगता है ।

2 :- मन की एकाग्रता

असल बात यह है की कोई हकलाने वाला व्यक्ति इतना सहमा /डरा / संकोची होता है की उसका विश्वाश किसी डॉक्टर / स्पीच थेरेपिस्ट / पर बिलकुल विश्वाश तो होता ही नहीं है यहाँ तक की उसे अपने आप पर भी विश्वाश नहीं होता है जब वह कोई टेक्निक सीख रहा होता है तब तब भी शंका में घिरा रहता है की मै यह टेक्निक मेरे लिए ठीक है , यह मेरे काम की है की नहीं , वह सस्पेंस में रहता है । तो मई आप को बिलकुल साफ साफ बोलुँगा की आप कही भी टेक्निक सीखिये मन से सीखिये , जो कोई टेक्निक सिखाई जाये तो पूरा मन को एकाग्र कीजिये ( मोबाइल /कॉल/ sms / फेसबुक / किसी फ्रेंड की याद /घर की याद / परीक्षा की चिंता को हाबी ना होने देवें / मै कई बार फील किया हूँ की मेरे बहुत से ऐसे PWs है जो इन्ही में खोये रहते है , और सारी एनर्जी इन फालतू की बातो में खर्च कर देते है और टेक्निक सिखने को सब से लास्ट की लिस्ट में

रखते है ऐसी फर्स्ट लिस्ट में रखना होगा मन को एकाग्र करके सीखना होगा और रियल लाइफ में उपयोग करना होगा click

3 :- पैसा

यह सबसे बड़ा पैरामीटर है । हम सब बढ़िया सुविधा काम पैसे में खोजते है ( सही भी है ) परन्तु में यह संभव नहीं है यदि कोई बहुत काम पैसे लेकर आप को थेरेपी दे रहा है तो कई सवाल खड़े होते है सच्चाई तो यह है की अच्छी सुविधा के लिए अच्छा पैसा खर्च करना पड़ता है फिर भी हमें गूगल भगवान से एक बार पूछ लेना चाहिए यह गूगल से देख लेना चाहिए की किस किस सेंटर की कितनी फीस है क्या क्या सुविधाये है ,कौन कौन सी तकनीक सिखाई जाएगी , अनुभव कितना है , क्वालिफिकेशन कितना है , सेल्फ़ का हॉस्टल है की नहीं ,थेरेपी कितने घण्टे डेली होती है, सारी सुविधा से संतुष्ट होने पर ही अपना अगला कदम बढ़ाना चाहिए यदि किसी सेंटर की फीस अधिक है और अच्छी सुविधा दे रहा है तो थेरेपी लेना चाहिए ।

4 :- ऐसे बहुत सारे PWS ( people who stammer ) है जो अपने परिवार को बिना बताये ज्वाइन करते है और सोचते है की अभी नहीं बताउगा ठीक होने पर बता दुगा । ऐसा करने से आप को काम फायद होगा क्यों की आप को आर्थिक ,सामाजिक पारिवारिक मौहौल नहीं मिलेगा और यहाँ से जाने के बाद आप घर में रूल्स फॉलो नहीं कर पाओगे और आप समय / पैसा / मेहनत सब बेकार हो जायेगा । आप को अपनी फैमली मेंबर की हेल्प लेनी चाहिए

5 :- बरसाती मेढ़को से बच कर रखिये –

बहुत सारे ऐसे भी लोग होते है जो थोड़ी दिन की थेरेपी या एक दो सपोर्ट ग्रुप या NC अटेंड कर लिए और अपने आप को स्तम्मेरिंग एक्सपर्ट मानाने लगते है । कुछ लोग बहुत अच्छे भी है जो रियल में आप की हेल्प करेंगे , ऐसी बहुत आर्टिकल्स /वेबसाइट/ब्लॉग /फेसबुक में पेज है जो आधे अधूरे है लिखा कुछ है रियलिटी कुछ और ही है ऐसे ही मुझे एक वेबसाइट मिली जिस को कॉल किया वह बोलता है मै आप को ठीक कर दुगा मै कंप्यूटर एक्सपर्ट हूँ बिजी हूँ २ वर्ष पहले साइट बना दिया था आप टाइम नहीं दे पता पर आप को ठीक कर दुगा आप मुझे कल सुवह सात बजे कॉल कीजिये । ऐसे बहुत सारे पेज है जो बना तो दिए गए है पर वर्क जीरो है यहाँ पर आप अपना टाइम ख़राब करेंगे इस से बच कर रहना है “नीम हाकिम खतरे की घंटी

7 – यह सोच कर किसी भी स्पीच थेरेपी सेंटर में मत जाइये की मै जब लौटुँगा हो 100 % ठीक हो कर लौटुँगा , जैसे किसी व्यक्ति के ऑपरेशन के जस्ट बाद 100 % गुड फील नहीं करता, कुछ दर्द , कुछ तकलीफ रहती है ( किसी किसी की प्रॉब्लम ऑपरेशन के बाद बढ़ भी जाती है कुछ समय के लिए ) घर जा कर कुछ दिन तक मालिश पट्टी दवाई खाने से धीरे धीरे आराम मिलना चालू हो जाता है । ठीक वैसे ही हकलाहट में होता है थेरेपी लेने के बाद कुछ दिन आप को घर में भी मेहनत करनी ही पड़ेगी आप चाहे (थेरेपी/ सपोर्ट ग्रुप /नेशनल कॉन्फरेंस में ) कही भी ले पर घर में केयर करना ही पड़ेगा, रियल लाइफ में तकनीक का उपयोग करना ही होगा

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